शुगर फ्री उत्पादन भी चीनी जैसा नुकसानदेह

मैंने पत्रिका न्यूज पेपर में पढ़ा तो सोचा आपके साथ शेयर करूं। मधुमेह रोगियों के लिए 'स्वीटनर' नए विकल्प के तौर पर उभरा है। इससे बनाने वाली कंपनियां इसे सेहतमंद बताकर अपना बाजार बढ़ाने में लगी है। हालांकि, अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कि शुगर सब्सटिट्यूट वास्तव में सेहतमंद नहीं है। 

           विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ)  के लिए अध्ययन करने वाले ब्रिटिश मेडिकल रिसर्च चैरिटी कोच्रन के मुताबिक, शुगर सब्सटिट्यूट से लोगों को वजन कम करने में मदद नहीं मिलती है। इस बात का पर्याप्त सबूत नहीं है कि यह कितना सुरक्षित है। अध्ययन में स्टीविया जैसे शुगर सब्सटिट्यूट को नोन शुगर स्वीटनर्स  नाम दिया गया है।

ब्रिटिश मेडिकल जनरल में प्रकाशित शोध के अनुसार इससे सेहत के लाभ के कोई सबूत नहीं मिले। अलबत्ता इससे होने वाले संभावित नुकसान को खारिज नहीं किया जा सकता। यानी शुगर-फ्री का दावा करने वाली कंपनियां के खाद्य व पेय पदार्थों में मिलाएं जाने वाला स्वीटनर में भी चीनी जितने ही नुकसान है।