अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है..

अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है ? यह प्रश्र हमारे मन में बार-बार आता है। एक अच्छा इंसान जब किसी की भलाई करता है तो उसे बेवकूफ समझ कर उसका ग़लत फायदा उठाया जाता है। क्यों अच्छा काम करने वाले इंसान के साथ हमेशा बुरा ही होता है? उसका काम चाहे समाज के लिए कितना ही लाभदायक हो । अगर हम किसी से सच्चा प्यार करते हैं उसकी परवाह करते हैं तो भी वह हमें धोखा दे देता है और हमारे प्यार की कद्र नहीं करता । जब हमारे साथ बुरा होता है तो भगवान से हमारा विश्वास उठ जाता है । हम भगवान को दोषी ठहराते हैं ' हे भगवान मैंने तो किसी का बुरा नहीं चाहा फिर क्यों मेरे साथ बुरा हुआ ? एक कहानी में आपको सुनाती हुं "एक बार नारद मुनि ने देखा एक बुढ़िया माई  तीन  लड़कियों की परवरिश बड़ी मुश्किल से कर रही थी या यूं कह लीजिए उन  तीनों लड़कियों का सहारा केवल वह बुढ़िया ही थी। एक दिन बुढ़िया माई का देहांत हो गया। यह देखकर नारद मुनि को भगवान पर बड़ा गुस्सा आया वह भगवान के पास गए और कहा 'आपको दुनिया चलाना नहीं आता जिन  लोगो की  दुनिया में ज़रूरत है उसको आप अपने पास बुला लेते हैं और जिनकी जरुरत नहीं होती जो मौत का इंतजार करते हैं वह लम्बी जिन्दगी जिते है । इन लड़कियों का एक मात्र सहारा थी ये बुढ़िया आपने उसको अपने पास बुला लिया। अब इन लड़कियों का क्या होगा? भगवान ने कहा तुम देखते जाओ तुम्हारे प्रश्न का जवाब तुम्हें मिल जायेगा । थोड़े दिनों बाद उन तीनों लड़कियों की झोपड़ी के पास से रानी गुजरी लड़कियों की दुखी हालत देखकर उनको उस पर दया आ गई उन्होंने उनको गोद ले लिया अपनी बेटियां बना ली और वह राजकुमारियां बन गई । उन तीनों की किस्मत में राजकुमारियां बनना लिखा था। जो होता है वह अच्छा ही होता है भगवान किसी के साथ बुरा कर ही नहीं सकते । बस हमें उस पर विश्वास रखना है । अंत सब अच्छा ही होना है ।