मनुष्य और कुत्ता ऐसे बने दोस्त...

कुत्ते का एक छोटा - सा पिल्ला अपने माता - पिता के साथ जंगल के पास रहता था । एक दिन उसके माता - पिता खाना ढूंढने के लिए निकले । शाम होने लगी लेकिन वे वापिस नहीं आए । पिल्ले को डर लगने लगा । बाद में पता चला कि किसी गाड़ी से टकराकर दोनों की  मृत्यु हो गई थी । पिल्ले को बहुत रोना आया । उसे मम्मी - पापा की याद आ रही थी । रोता - रोता वह जंगल की ओर चल पड़ा । तभी उसे एक हिरन मिला । हिरन को उस पर दया आ गई और वह पिल्ले को अपने घर ले गया । रात हुई तो उसने पिल्ले को सोने के लिए जगह दी । लेकिन पिल्ले को नींद नहीं आ रही थी । हर छोटी - सी आवाज पर वह बाहर निकलकर भौंकने लगता था । हिरन को इस बात पर बहुत गुस्सा आया । उसने कहा , ' अगर तुम ऐसे ही बार - बार बाहर जाकर भौंकोगे तो शेर को हमारे बारे में पता चल जाएगा । वह आकर हम दोनों को मार देगा । पिल्ला चुप तो हो गया लेकिन उसके मन में एक ही विचार आ रहा था । ‘ हिरन शेर से डरता है , इसलिए मुझे शेर के ही पास रहना चाहिए अगले दिन वह शेर के पास पहुँचा । उसने शेर को अपनी कहानी सुनाई । उसने शेर से प्रार्थना की कि वह उसे अपने साथ रहने दे शेर को पिल्ले पर दया आ गई । वह राजी हो गया । | रात को फिर वही हुआ । पिल्ला बार - बार भौंकने लगता था । शेर को गुस्सा आ गया । वह जोर से दहाड़कर बोला , ' अगर तुम इस तरह भौंकोगे तो मनुष्य को हमारे बारे में पता चल जाएगा । वह चुपके से आकर हम दोनों को पकड़ लेगा । ' | पिल्ले को आश्चर्य हुआ कि शेर भी किसी से डरता है । लेकिन उसने तय किया कि वह अगले ही दिन मनुष्य के पास जाएगा । । सुबह होते ही वह शहर की ओर चल पड़ा । उसे जो पहला मनुष्य मिला वह उससे बोला , ' मैं अकेला हूँ , क्या आप मुझे अपने साथ रहने देंगे ? " : मनुष्य ने जब उसके माता - पिता के बारे में सुना तो उसे पिल्ले पर दया आ गई । वह पिल्ले को अपने घर ले गया । | रात हुई और पिल्ला अपनी आदत के अनुसार बाहर जाकर भौंकने लगा । लेकिन मनुष्य नाराज नहीं हुआ । बल्कि वह खुश हुआ । वह  अब निश्चित था कि यदि कोई चोर उसके घर में आएगा तो कुते से डरकर भाग जाएगा । साथ ही कुछ गड़बड़ होगी तो कुत्ता भाँकेगा और उसकी नींद भी खुल जाएगी । इस तरह मनुष्य और कुत्ता दोस्त बन गए । यह दोस्तो आज भी वैसी ही चल रही है ।