सोचती हुं में..

सोचती हुं में

तुम होते तो क्या होता।

ये सितारों की जमघट

हाथों में हाथ लिए

हरपल मुस्कराने का मन होता

सोचती हुं में 

तुम होते तो क्या होता।

पंखों की चाहत लिए,

दूर क्षितिज में उतरने का अरमान होता।

सोचती हुं में 

तुम होते तो क्या होता।

ना गमों का पल ये,

आशाओं का समंदर लिए,

हर खुशी से मिलने का दिल होता।

सोचती हुं में

तुम होते तो क्या होता।।