*ख्वाहीश हे मेरी*

*ख्वाहीश हे मेरी*

 

*चुन रहा हुं एक एक अक्षर, एक शब्द बनाने की ख्वाहीश हे मेरी*

 

*बन सके शब्द तो कुछ शब्द मिलाकर, एक पंक्ती बनानेकी ख्वाहीश हे मेरी*

 

*बन जाय कुछ पंक्तियां तो जोड दुं उन्हे, एक कवीता बनाने की ख्वाहीश हे मेरी*

 

*बन जाय अगर एक कवीता तो, उसे गुनगुनाने की ख्वाहीश है मेरी*

 

*कुछ शब्द रुठ से गये हे, उन्हे मनाने की ख्वाहीश हे मेरी*

 

*जिंदगी की किताब मे कुछ लिखावट अधुरी है, उसे पुरा करने की ख्वाहीश हे मेरी*

 

*Gaurav Aswad

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