*मेरा सफर

*मेरा सफर

..मेरी महेनत...*

*मेरा होंसला..मेरी मंजील...*

*मेरी तन्हाई ..मेरी जींदगी...*

 

*चल रहा था जींदगी के पथ पर*

*पर जेसे भटका हुआ  मुसाफिर था*

 

*बेठा था भरी महफ़िल मे*

*पर फिर भी जेसे तन्हा था*

 

*मुस्कुरा रहा था हर कीसी के साथ*

*पर मायुसी मे हर तरफ़ से घीरा था*

 

*यहा हर कोई था अपना*

*पर फिर भी जेसे अकेला था*

 

*रास्ते कठीन और सहेमे थे*

*पर फिर भी मुजे चलना था*

 

*कडी धुप और गरम रास्ते*

*और ना छाँव का कोई ठिकाना था*

 

*रुक भी जाता और बहेका भी*

*पर चलना अभी जारी था*

 

*कभी कभी थकान ने घेरा*

*पर मेरी जीद का पल्ला भारी था*

 

*मंजील तक पहुचने का पता नही*

*पर मेरा कदम उठाना जारी था*

 

*मेरे पैरों के छाले ना देखता कोई*

*पर मेरा मुस्कुराना जायज था* 

 

*चल रहा था जींदगी के पथ पर*

*पर जेसे भटका हुआ  मुसाफिर था*

 

*गौरव आस्वाद*